🏛️ राष्ट्रीय (National)
- भारत
ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के साथ Free Trade Agreement (FTA)
पर हस्ताक्षर किए, जो एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता माना जा रहा है।
- इस
समझौते के तहत भारत को न्यूजीलैंड बाजार में 100% exports पर duty-free
access मिलेगा, जिससे टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, MSMEs और
AYUSH सेक्टर को बड़ा लाभ होगा।
- यह
समझौता व्यापार विस्तार, रोजगार सृजन और आर्थिक सहयोग
को मजबूत करेगा।
🎓 शिक्षा एवं कौशल विकास (Education & Skill Development)
- भारत
(एशिया) की पहली UNESCO Chair on Gender Inclusion and Skill Development
की स्थापना Symbiosis Skills and Professional University (SSPU), पुणे
में की गई है।
- इस
पहल का उद्देश्य महिलाओं को AI, Robotics, Semiconductor, Advanced
Manufacturing, Defence जैसे future-ready sectors में कौशल
प्रदान करना है।
- इस
UNESCO Chair का नेतृत्व स्वाति मुजुमदार (Swati Mujumdar) करेंगी, जो
SSPU की Pro-Chancellor हैं।
🛰️ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science & Technology)
- AI
platform “Mythos” (Anthropic कंपनी द्वारा
विकसित) चर्चा में रहा, जो advanced data analysis, automated
decision-making और financial predictions में सक्षम है।
- भारत
सरकार ने इस AI से जुड़े साइबर जोखिम (Cyber Risks) और डेटा
सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक सरकारी पैनल गठित किया है।
- इस
पैनल की अध्यक्षता चल्ला श्रीनिवासुलु सेट्टी (C.S. Setty) कर रहे
हैं, जो State Bank of India (SBI) के चेयरमैन हैं।
💻 साइबर सुरक्षा एवं AI जोखिम (Cyber Security & AI Risks)
- Mythos
AI Platform के कारण संभावित खतरे:
- Customer Data Leak (डाटा लीक)
- Automated Loan Errors (गलत लोन निर्णय)
- Cyber Fraud और Phishing Attacks में वृद्धि
- Financial Market Manipulation की संभावना
- इन
जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने AI Regulation और Monitoring
को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए हैं।
🌍 अंतर्राष्ट्रीय (International)
- भारत-न्यूजीलैंड
FTA वैश्विक स्तर पर भारत की
व्यापारिक स्थिति को मजबूत करेगा।
- यह
समझौता Asia-Pacific Region में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को
बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
📊
अर्थव्यवस्था (Economy)
- FTA
समझौता से भारत के निर्यात
(Exports) में वृद्धि होगी और विदेशी व्यापार (Foreign Trade) को
बढ़ावा मिलेगा।
- MSME
सेक्टर और स्टार्टअप्स को
अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त (Competitive Advantage)
मिलेगी।



