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न्यूज़ डाइजेस्ट

मंत्रिमंडल ने विपो कॉपी राइट संधि 1996 और विपो प्रदर्शन व फोनोग्राम संधि 1996 के प्रस्ताव को मंजूरी दी
  • केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने औद्योगिक नीति व संवर्द्धन विभाग, वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय के विपो कॉपी राइट संधि तथा विपो प्रदर्शन व फोनोग्राम संधि के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी है।
  • इन संधियों के अंतर्गत इंटरनेट और डिजिटल कॉपी राइट भी शामिल हैं।
  • उद्देश्य: इसका उद्देश्‍य वाणिज्यिक उपयोग के जरिए आईपीआर का मूल्‍य प्राप्‍त करना है।
  • IPR (intellectual property rights) : IPR का मतलब बौद्धिक सम्पदा अधिकार से है।
  • बौद्धिक संपदा मानव बुद्धि का उत्पाद है, जिसमें रचनात्मकता अवधारणाएं, आविष्कार, औद्योगिक मॉडल, ट्रेडमार्क, गीत, साहित्य, प्रतीक, नाम, ब्रांड आदि शामिल हैं। वे अपने मालिक को अपने उत्पाद से पूरी तरह से लाभ लेने की अनुमति देते हैं।
  • लाभ: ये संधियां निम्‍न तरीकों से भारत की मदद करेंगी:-
  • अंतर-राष्‍ट्रीय कॉपीराइट प्रणाली के जरिए रचनात्‍मक अधिकार धारकों को उनके श्रम का मूल्‍य प्राप्‍त होगा। रचनात्‍मक कार्यों के उत्‍पादन और उनके वितरण में किए जाने वाले निवेश पर लाभ प्राप्‍त होगा।
  • घरेलू कॉपी राइट धारकों को अंतर-राष्‍ट्रीय कॉपी राइट की सुरक्षा सुविधा मिलेगी। दूसरे देशों में प्रतिस्‍पर्धा में समान अवसर प्राप्‍त होगा।
  • डिजिटल प्‍लेटफॉर्म पर रचनात्‍मक उत्‍पादों के निर्माण और वितरण में किए जाने वाले निवेश पर लाभ प्राप्‍त होगा और इससे आत्‍मविश्‍वास बढ़ेगा।
  • व्‍यापार में वृद्धि होगी और एक रचना आ‍धारित अर्थव्‍यवस्‍था तथा एक सांस्‍कृतिक परिदृश्‍य का विकास होगा।
अगरतला हवाई अड्डा का नाम बदलकर महाराजा बीर बिक्रम माणिक्य किशोर हवाई अड्डा रखा जाएगा
  • प्रधानमंत्री मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने त्रिपुरा के अगरतला हवाई अड्डा का नाम बदलने की मंजूरी दी है।
  • आपको बता दें कि यह फैसला त्रिपुरा के लोगों की काफी लंबे समय से चली आ रही मांग और त्रिपुरा सरकार द्वारा महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर को श्रद्धांजलि देने के लिए किया गया है।
  • मालूम हो कि महाराजा बीर विक्रम माणिक्‍य किशोर 1923 में त्रिपुरा राज्‍य के राजा बने। वे एक विद्वान और विन्रम शासक थे।
  • उनके द्वारा दान में दिये गये जमीन पर 1942 में अगरतला हवाई अड्डा का निर्माण किया गया।
  • आपको बता दें कि वर्तमान में पूर्वोत्‍तर क्षेत्र का यह दूसरा सबसे व्‍यस्‍त हवाई अड्डा है।
201 9-20 तक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की योजना के पुनर्पूंजीकरण का विस्तार
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की पुनर्पूंजीकरण योजना को अगले 03 वर्षों (2019-20) तक विस्तार देने की मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके जरिए आरआरबी को न्यूनतम निर्धारित पूंजी को 09 प्रतिशत के जोखिम परिसंपत्ति अनुपात (सीआरएआर) पर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
  • 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की पुनर्पूंजीकरण योजना के विस्तार को मंजूरी दी गई ताकि आरआरबी वित्तीय समावेशन में महत्व्पूर्ण भूमिका अदा करने और ग्रामीण क्षेत्रों की पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो सकें।
  • आरआरबी की पुनर्पूंजीकरण योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2010-11 में हुई थी और इसे 2012-13 तथा 2015-16 में दो बार विस्तार दिया गया। अंतिम विस्ताकर 31 मार्च, 2017 तक के लिए था। ।
  • आरआरबी की स्थापना : आरआरबी की स्थापना ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व सीमांत किसानों, कृषि-श्रमिकों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को ऋण व अन्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीएनए प्रौद्योगिकी विधेयक को दी मंजूरी
  • डीएनए आधारित फोरेन्सिक प्रौद्योगिकी के प्रयोग को विस्तार देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीएनए प्रौद्योगिकी (उपयोग एवं अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक 2018 को मंजूरी प्रदान कर दी।
  • उद्देश्य : डीएनए आधारित प्रौद्योगिकी (उपयोग एवं अनुप्रयोग) विनियमन विधेयक 2018 को कानूनी रूप देने के पीछे प्राथमिक उद्देश्य देश की न्यायिक प्रणाली को सहयोग प्रदान करना है।
  • विधेयक का प्रावधान एक तरफ गुमशुदा व्यक्तियों तथा देश के विभिन्न हिस्सों में पाए जाने वाले अज्ञात शवों की परस्पर मिलान करने में सक्षम बनाएंगे, दूसरी तरफ बड़ी आपदाओं के शिकार हुए व्यक्तियों की पहचान करने में भी यह सहायता प्रदान करेगा।
  • डीएनए प्रयोगशालाओं के अनिवार्य प्रत्यायन एवं विनियमन के प्रवाधान के जरिए इस विधेयक में इस प्रौद्योगिकी का देश में अधिक उपयोग सुनिश्चित किया गया है और साथ ही इस बात का भी भरोसा दिलाया गया है कि डीएनए परीक्षण परिणाम विश्वसनीय हो और नागरिकों के गोपनीयता अधिकारों के लिहाज से डाटा का दुरुपयोग न हो सके।
  • फोरेन्सिक डीएनए प्रोफाइलिंग का ऐसे अपराधो के समाधान में स्पष्टरूप से महत्व है जिनमें मानव शरीर (जैसे हत्या, दुष्कर्म, मानव तस्करी या गंभीर रूप से घायल) को प्रभावित करने वाले एवं संपत्ति (चोरी, सेंधमारी एवं डकैती) की हानि से संबंधित मामले से जुड़े अपराध का समाधान किया जाता है।  
उच्‍च शिक्षा वित्‍त एजेंसी कार्य क्षेत्र में विस्‍तार के प्रस्‍ताव को मंजूरी
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2022 तक उच्‍च शिक्षा में अवसंरचना और प्रणालियों (आरआईएसई) को मजबूत बनाने एवं शैक्षणिक अवसंरचना की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा वित्त एजेंसी के कार्य विस्तार को मंजूरी प्रदान कर दी।
  • इसके तहत देश में शैक्षणिक अवसंरचना की बढ़ती वित्‍तीय आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए उच्‍च शिक्षा वित्‍त एजेंसी (एचईएफए) के कार्य क्षेत्र को विस्‍तार दिया गया।
  • इसके तहत वित्‍त एजेंसी की पूंजी आधार को बढ़ाकर 10,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है और इसे 2022 तक शिक्षा में अवसंरचना और प्रणालियों को मकाबूत करने के लिए 1,00,000 करोड़ रुपए की निधि निर्माण करने का निर्देश दिया गया है।
  • विवरण: इस सुविधा का सभी संस्‍थानों तक विस्‍तार देने के लिए, खासकर ऐसे संस्‍थान जिनकी स्‍थापना 2014 के बाद हुई, केन्‍द्रीय विश्‍वविद्यालय जिनके पास बहुत कम आंतरिक संसाधन हैं और स्‍कूली शिक्षा/स्‍वास्‍थय शिक्षा अवसंरचना जैसे एम्‍स, केन्‍द्रीय विद्यालय आदि के संदर्भ में सीसीईए ने एचईएफए के अंतर्गत निम्‍न पांच योग्‍यताओं तथा मूलधन के मुख्‍य अंश के पुनर्भुगतान की प्रक्रियाओं को मंजूरी दी है-
 I. 10 साल से अधिक पुराने तकनीकी संस्‍थान : संपूर्ण मूलधन का पुनर्भुगतान आंतरिक रूप से संग्रह किए गये बजट संसाधनों के द्वारा।
  1. 2008 और 2014 के बीच शुरू किए गये तकनीकी संस्‍थान : मूलधन की 25 प्रतिशत राशि का पुनर्भुगतान आंतरिक संसाधनों द्वारा तथा मूलधन की शेष राशि के लिए अनुदान प्राप्‍त करें।
III. 2014 के पहले शुरू किए गये केन्‍द्रीय विश्‍ववि़द्यालय : मूलधन की 10 प्रतिशत राशि का पुनर्भुगतान आंतरिक संसाधनों द्वारा तथा मूलधन की शेष राशि के लिए अनुदान प्राप्‍त करें।
IV. नये स्‍थापित संस्‍थान (2014 के बाद प्रारंभ) : स्‍थायी कैम्‍पस के निर्माण के लिए वित्‍तीय सहायता मूलधन और ब्‍याज के भुगतान के लिए अनुदान उपलब्‍ध कराया जाएगा।
V. अन्‍य शैक्षणिक संस्‍थान तथा स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के वित्‍तीय सहायता प्राप्‍त संस्‍थान : सभी नये स्‍थापित एम्‍स और अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थानों, केन्‍द्रीय वि़द्यालय/नवोदय विद्यालयों को वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध करायी जाएगी और संबंधित विभाग/मंत्रालय संस्‍थान को पर्याप्‍त अनुदान के माध्‍यम से मूलधन और ब्‍याज के भुगतान के लिए प्रतिबद्ध होंगे।
पृष्‍ठ भूमि : केन्‍द्र सरकार ने 31 मई, 2017 को एचईएफए की स्‍थापना की। यह एक गैर-लाभकारी, गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनी है, जो केन्‍द्र सरकार के अंतर्गत उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों के अवसंरचना विकास के लिए गैर-बजटीय संसाधन जुटाता है।
सरकार ने खरीफ फसलों की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने को मंजूरी दी
  • केन्द्र सरकार ने 4 जुलाई 2018 को वर्ष 2018-19 के लिए खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है।
  • सीसीईए का यह निर्णय ऐतिहासिक है क्‍योंकि यह केंद्रीय बजट 2018-19 में घोषित एमएसपी को उत्‍पादन लागत के मुकाबले कम से कम 150 प्रतिशत रखने के पूर्व निर्धारित सिद्धांत के वादे को पूरा करता है।
  • 2018-19 के लिए धान के लिए एमएसपी 200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बढ़ा दिया गया है. 2017-18 के लिए धान के लिए एमएसपी 1550 रुपये प्रति क्विंटल था।
  • वहीं, केन्द्रीय कैबिनेट ने उड़द का एमएसपी 5400 रुपये से बढ़ाकर 5600 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। सरकार के इस फैसले से सरकारी खजाने पर 33,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
  • विवरण : बजट 2018-19 में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्‍य को हासिल करने के लिए जरूरी कृषि नीति में बदलाव करने का संकेत दिया गया था। बजट में बेहतर आय सृजन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया था।
ब्रेल लिपि में जारी होंगे वोटर ID कार्ड, दिव्यांगों को पोल बूथ तक मिलेगी यातायात की सुविधा
  • मतदान में दिव्यांगजनों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिये आयोग द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुये मुख्य चुनाव आयुक्त ओ पी रावत ने दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियतें बढ़ाने वाले अहम फैसलों की जानकारी दी।
  • चुनाव आयोग ने दिव्यांग मतदाताओं की मतदान में भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें मतदान केन्द्र तक पहुंचने हेतु सार्वजनिक परिवहन की मुफ्त सुविधा देने, ब्रेल लिपि वाले मतदाता पहचान पत्र जारी करने और विशिष्ट मतदान केन्द्र शुरू करने सहित कुछ अहम फैसले किये हैं।
  • रावत ने कहा कि मतदान के दिन दिव्यांग मतदाताओं को उनके शहर में एक सहायक के साथ मतदान केन्द्र तक जाने के लिये सार्वजनिक यातायात की मुफ़्त सुविधा भी मिलेगी।
  • उन्होंने दिव्यांगों मतदाताओं के लिये विशिष्ट मतदान केन्द्र बनाये जाने की योजना के बारे में बताया कि वृद्धाश्रम सहित ऐसे अन्य स्थानों पर विशिष्ट मतदान केन्द्र बनाये जायेंगे जहां पर्याप्त संख्या में दिव्यांगों की मौजूदगी हो जिससे उन्हें सामान्य मतदान केन्द्रों पर आने वाली परेशानियों से बचाया जा सके।
  • दिव्यांगों के लिये मतदाता सूची में पंजीकरण कराने की प्रक्रिया को पूरा करने में मदद के लिये राज्य और जिला स्तर पर विशिष्ट नोडल अधिकारी भी तैनात किये जायेंगे। रावत ने कहा कि दिव्यांगों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने और भागीदारी को बढ़ाने के नये उपायों की तलाश तथा इस पर शोध के लिये आयोग द्वारा संचालित प्रशिक्षण संस्थान में पृथक इकाई भी गठित की जायेगी।
पियुष गोयल ने कोयला खान निगरानी और प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) और 'खान प्रहरी' ऐप लॉन्च किया
  • केन्द्रीय कोयला, रेलवे, वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री पियुष गोयल ने कोयला खान निगरानी और प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) और सीएमपीडीआई द्वारा विकसित मोबाइल एप्लिकेशन 'खान प्रहारी' शुरू किया।
  • इसका मूल उद्देश्य अनधिकृत कोयला खनन गतिविधियों पर रिपोर्टिंग, निगरानी और उपयुक्त कार्रवाई करना है।
  • सीएमएसएमएस है क्या : सीएमएसएमएस एक वेब आधारित जीआईएस एप्लीकेशन है जिसके माध्यम से अनधिकृत खनन के लिए साइटों का स्थान पता लगाया जा सकता है।
  • सिस्टम में इस्तेमाल किया जाने वाला मूल मंच इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (मेईटीई) मानचित्र है जो गांव स्तर की जानकारी प्रदान करता है। सभी कोयला खानों की पट्टे की सीमा इस मानचित्र पर प्रदर्शित की जाती है। सिस्टम उपग्रह डेटा का उपयोग उन परिवर्तनों का पता लगाने के लिए करेगा, जिनके द्वारा आवंटित पट्टे क्षेत्र से आगे की अनधिकृत खनन गतिविधि का पता लगाया जा सकता है।
  • खान प्रहारी : यह प्रणाली स्मार्टफोन का उपयोग करके जिम्मेदार नागरिकों द्वारा प्रदान की गई जानकारी का भी उपयोग करती है।
  • खान प्रहारी चूहा छेद खनन, चोरी आदि जैसे गैरकानूनी कोयला खनन से संबंधित किसी गतिविधि को रिपोर्ट करने के लिए एक उपकरण है।
  • इस घटना की भू-टैग की गई तस्वीरों को पाठ की जानकारी सीधे सिस्टम के साथ अपलोड कर सकते हैं। इसलिए, अनधिकृत खनन गतिविधियों पर जानकारी प्राप्त करने के लिए उपग्रह डेटा और मानव दोनों जानकारी का उपयोग किया जाएगा।
  • शिकायतकर्ता सिस्टम के माध्यम से अपनी शिकायत भी ट्रैक कर सकता है। शिकायतकर्ता की पहचान प्रकट नहीं की जाएगी।
भारत के खेल प्राधिकरण का नाम बदलकर स्पोर्ट्स इंडिया रखा जाएगा
  • अपने अस्तित्व में आने के 34 साल बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया SAI) का नाम अब 'स्पोटर्स इंडिया' रखा जाएगा।
  • खेलमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने SAI की बैठक के बाद यह घोषणा की।
  • इसकी बैठक में यह भी तय किया गया कि कोचों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा और खिलाड़ियों के खानपान का भत्ता बढाया जाएगा। बैठक में SAI से यह भी कहा गया कि SAI की रिहायशी योजना के तहत रिहायशी और खान पान सुविधाओं के प्रबंधन के लिये सेवा क्षेत्र की नामचीन कंपनियों को लाया जाए।
  • SAI स्टेडियमों के निर्माण के लिए सार्वजनिक और निजी साझेदारियों के विकल्प पर भी विचार कर रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से साझेदारी शामिल होगी। इसके लिए उस अतिरिक्त भूमि का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे खिलाड़ी फिलहाल इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।
  • SAI के बारे में : इसकी स्थापना 1984 में की गई थी। भारतीय खेल प्राधिकरण भारत के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय का महत्वपूर्ण अंग है।
  • अपनी खेल प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से भारतीय खेल प्राधिकरण युवाओं में प्रतिभा उत्पन्न करने का काम करता है।
उत्तराखंड हाई कोर्ट ने जानवरों को कानूनी तौर पर व्यक्ति घोषित किया
  • उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक अनोखे फैसले में राज्य में जानवरों को कानूनी तौर पर व्यक्ति या इकाई का दर्जा देने की घोषणा की है।
  • जस्टिस राजीव शर्मा और लोकपाल सिंह की बेंच ने जानवरों को यह विशेष दर्जा प्रदान करते हुए उनके खिलाफ क्रूरता रोकने के लिए भी कई निर्देश जारी किए।
  • यह आदेश पक्षियों और जलीय जीवों के लिए भी लागू होगा।
  • सभी जानवरों की सुरक्षा और कल्याण के लिए कोर्ट ने उत्तराखंड के सभी निवासियों को सभी जानवरों का अभिभावक घोषित किया है।
  • कोर्ट का यह आदेश एक जनहित याचिका पर आया, जिसमें बनबासा के जरियेे भारत और नेपाल के बीच चलने वाले तांगों पर रोक की मांग की गई थी।