Math Tricks : आंकड़ों की पर्याप्‍तता

आज हम रीजनिंग खण्‍ड के अहम विषय आंकड़ों की पर्याप्‍तता के बारे में चर्चा करेंगे। इस विषय का उद्देश्‍य आपकी रीजनिंग एवं तर्कशक्ति योग्‍यता का परीक्षण करना है।
आइए, अब हम इन प्रश्‍नों को हल करने के दौरान अपनाये जाने तरीकों पर गौर करते हैं –
  • सबसे पहली चीज तो यह है कि पहले आपको पूरे प्रश्‍न को ध्‍यान से पढ़ लेना चाहिए। इससे आपको यह पता चल सकेगा कि प्रश्‍न का जवाब देने के लिये कौन सी जानकारी आवश्‍यक है और फिर दिये गये कथन के अनुसार आगे बढ़ें।
  • परीक्षा के दौरान याद करें कि कब आपने पहले इसी प्रकार की तरकीब प्रयोग की थी और फिर उसी तरकीब को पुन: अपनाकर आगे बढ़ें।
  • याद रखें, आपको पूरा प्रश्‍न हल करने की जरूरत नहीं है।
  • आपको बस यह पता करना है कि कथन में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के पर्याप्‍त है अथवा नहीं। इससे आपका गणना करने या पूरा हल निकालने में लगने वाला समय बचेगा।
  • पहले प्रत्‍येक कथन का विश्लेषण करें।
  • यदि दोनों कथनों में दी गई जानकारी अकेले प्रश्न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त नहीं हो, तो यह पता करें कि क्‍या दोनों कथनों में दी गई संयुक्‍त जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है।
  • प्रश्‍न की भाषा को उचित तरीके से समझें।
  • यहाँ अनुमान का प्रयोग नहीं करें। कथन में दी गई जानकारी के आधार पर ही उत्‍तर का चयन करें।
  • केवल एक कथन में दी गई जानकारी के आधार पर उत्‍तर का चयन न करें। उदाहरण के लिये, यदि केवल कथन 1 में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त हो, तो दूसरे कथन की जांच करना न भूलें।
  • संभावित उत्‍तर पता करने के लिये, विकल्‍पों को हटाने की विधि का प्रयोग करें। उदाहरण के लिये, यदि कथन 1 में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है, तो आपको केवल कथन 2 को जांचने की आवश्‍यकता है। दोनों कथनों में दी गई जानकारी को मिलाकर जांचें कि कथन में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है अथवा नहीं।
  • ऐसी समस्‍याओं पर अधिक समय बरबाद होने से बचाने के लिये ऐसे प्रश्‍नों का पूरी तरह से अभ्‍यास करें।
अब उपरोक्‍त दी गई टिप्‍स को बेहतर ढंग से समझने के लिये निम्‍न उदाहरण का ध्‍यानपूर्वक अध्‍ययन करें –
नीचे दिये गये प्रश्‍न और कथन I और II पर विचार करें और निम्‍न अनुसार प्रश्‍न का उत्‍तर दें।
  1. यदि कथन I में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है जबकि कथन II में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्त नहीं है।
  2. यदि कथन II में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है जबकि कथन I में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्त नहीं है।
  3. या तो केवल कथन I अथवा केवल कथन II में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है।
  4. कथन I और कथन II में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त नहीं है।
  5. दोनों कथन I और II में दी गई जानकारी मिलकर प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये आवश्यक है।
प्रश्‍न – टावर P, टावर Q के सापेक्ष किस दिशा में है?
कथन I. P, H के पश्चिम में है, जो Q के दक्षिण में है।
कथन II. F, Q के पश्चिम में है और P के उत्‍तर में है।
आइए, अब हम पहले कथन पर चर्चा करें।
हम देख सकते हैं कि P, Q के सापेक्ष दक्षिण-पश्चिम दिशा में है। अर्थात कथन I में दी गई जानकारी प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है। लेकिन यहाँ हम निष्‍कर्ष नहीं निकाल सकते हैं। आपको दूसरा कथन जांचने की भी आवश्‍यकता है। दूसरे कथन में दी गई जानकारी के आधार पर, हम P की स्थिति Q के सापेक्ष ज्ञात कर सकते हैं।
अत: इस प्रश्‍न के लिये उत्‍तर होगा,
© कथन I में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है और कथन II में दी गई जानकारी अकेले प्रश्‍न का उत्‍तर देने के लिये पर्याप्‍त है।
आंकड़ों की पर्याप्‍तता के सवालों को हल करने के लिये मुख्‍य चरण बिन्‍दु
  • प्रश्‍न में दी गई जानकारी को समझें, कथन को ध्‍यानपूर्वक पढ़ने से आपको कुछ संकेत और तरीके मिलेंगे जिन्‍हें आपको कथन के दौरान लिख लेना चाहिए।
  • मुख्‍य कथन में दिये गये जानकारी के आधार पर अपनी रणनीति को बनायें।
  • कई विषयों पर आधारित प्रश्‍न पूछे जा सकते हैं। उदाहरण के लिये, रक्‍त संबंध, या रैंकिंग पर आधारित प्रश्‍न आदि। ध्‍यान रखे, यह आपको पहले से ज्ञात विषय है, जिसे भिन्‍न रूप में प्रदर्शित किया गया है।
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